अरुंधती रॉय और इरफ़ान हबीब की "जोकरों" जैसी हरकत क्यों??

8 months ago
desiCNN
(सुधीश पचौरी)नागरिकता कानून के विरोध के दौरान विरोध के कुछ एकदम नायाब तरीके भी दिखे। अति-समारोहित एक अंग्रेजी लेखिका ने लोगों से मजे-मजे में कहा कि जब वे आपका नाम पूछने आएं, तो गलत नाम बताओ। बिल्ला रंगा बताओ, कुंगफू कुत्ता बताओ। यह लेखिका द्वारा दिया गया एक ‘डिसरप्टिव'; विध्वंसक नुस्खा था। वह जब यह सब कह रहीं थीं, तो प्रकटतः अपनी सोशल मीडिया छाप व्यंग्य-वक्रता पर विहंस रही थीं और उनके इस मजाक को सुन-देखकर उनके आसपास खड़े समर्थक भी हंस रहे थे। नागरिकता कानून के विरोध का यह वह नया तरीका था, जो युवा विरोध के उतार के समय में ऐसे दिया जा रहा था, जैसे कोई क्रांतिकारी विचार हो! इन दिनों बहुत से क्रांतिकारी मसखरेपन को क्रांति का नया औजार समझते हैं कि हम एक तगड़ा जोक मार देंगे, तो वर्ग-शत्रु वहीं धराशायी हो जाएगा!नागरिकता कानून का जिनको विरोध करना था, वे जाड़े-पाले में भी विरो...........

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