असम में NRC :- जवाबों से ज्यादा सवाल पैदा हुए, भविष्य अनिश्चित

2 weeks ago
desiCNN
अगर आप सोचते हैं कि भारतीयों और विदेशियों (यहां बांग्लादेशी पढ़ें) की निशानदेही करने के लिहाज से राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) एक जटिल काम था, तो इसका परिणाम या अंत क्या होगा, इसके बारे में कोई स्पष्टता न होने के कारण यह और भी जटिल एवं अप्रिय हो गया है।उदाहरण के लिए, अब 19 लाख से ज्यादा लोग सूची से बाहर हो गए हैं और प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई (जो असमी हैं) के नेतृत्व में इस प्रक्रिया का संचालन करने वाली सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने घोषणा की है कि 31 अगस्त की सूची अंतिम है। विदेश और गृह मंत्रालय, दोनों के माध्यम से भारत सरकार ने घोषणा की है कि (मई में हुए लोकसभा चुनाव से पहले और बाद में भाजपा के नेताओं एवं मंत्रियों ने जो भी घोषणा की हो, उसके बावजूद) जो भी व्यक्ति सूची से बाहर है, उसे सरकारी एजेंसियों-जिला एवं राज्य कानूनी सहायता प्राधिकरण द्वारा कानूनी सहायता प्रदान की जा...........

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