आखिर क्यों दिवालिया हो रही हैं बिजली कम्पनियाँ??

3 weeks ago
desiCNN
(डॉ अजय खेमरिया)देश भर में पिछले 17 बर्षों से बिजली घोटाला हो रहा है। करीब 10 लाख करोड़ का सरकारी घाटा औऱ इतनी राशि की बंदरबांट मौजूदा विधुत अधिनियम 2003 के क्रियान्वयन से कारित की जा चुकी है।देश की सियासत में टेलीकॉम घोटाले की खूब चर्चा होती है लेकिन इसी तर्ज पर हुए इससे चार गुना बड़े बिजली घोटाले की कहीं चर्चा नही हो रही है। बिडम्बना यह है कि मौजूदा विधुत कानून को एक बार फिर बदला जा रहा है और सियासी दल इस पर चुप है। क्योंकि सभी राज्यों में हुए इस घोटाले में किसी का दामन धवल नही है।कमाल की बात यह है कि मुफ्त बिजली से सरकारें तो बनाईं जा रही है लेकिन मुल्क के संसाधन किस तरह कारपोरेट की लूट के लिए खोल दिये गए है इस पर कोई चर्चा नही करना चाहता है।उप्र विधुत निगम बर्ष 2000 में 77 करोड़ के घाटे में था आज यह आंकड़ा 83 हजार करोड़ पहुँच गया है।बिहार में 47 हजार करोड़ है.मप्र में सरकार ...........

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