आर्थिक मंदी की आहट के बीच कुछ और सुझाव...

2 weeks ago
desiCNN
केंद्र सरकार को 1.76 लाख करोड़ रुपये देने के भारतीय रिजर्व बैंक के फैसले को हर कोई अपनी-अपनी नजर से देख रहा है। सरकार यह दावा कर रही है कि इससे सार्वजनिक वित्तीय संस्थानों की नाजुक हालत ठीक हो जाएगी, जिससे आर्थिक मंदी से निपटने में भरपूर मदद मिलेगी। मगर असलियत कुछ और है। इस रकम से शायद ही अर्थव्यवस्था को कोई खास राहत मिल सकेगी। ज्यादा से ज्यादा इसका इस्तेमाल कर संग्रह में आई कमी को दूर करने के लिए किया जा सकेगा।दरअसल, अपने यहां करों से होने वाली आय कम हो गई है। पिछले साल यह 1.6 लाख करोड़ रुपये कम थी। मगर इसे सरकार ने बजट के आंकड़ों में नहीं दिखाया, बल्कि भ्रामक आंकड़े दिखाकर इसके इस साल और बढ़ने के दावे किए। सरकार इसी कोशिश में थी कि उसे कहीं से संसाधान मिले, ताकि वह उसे अर्थव्यवस्था में झोंक सके। यह संसाधन उसे दो तरीकों से मिल सकता था। पहला, विनिवेश बढ़ाने से और दूसरा, रिजर्व ...........

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