उत्तराखंड का नया संशोधित भूमि क़ानून :- पहाड़ों और संस्कृति को खतरा

2 months ago
desiCNN
लेखक: व्योमेश जुगरान हिमालयी राज्य उत्तराखंड में नया भूमि (संशोधन) कानून चुनावी कोलाहल में दबकर रह गया। यह विवादास्पद मसला सत्तारूढ़ बीजेपी के खिलाफ विपक्षी कांग्रेस के लिए बेहद काम का हो सकता था, लेकिन कांग्रेस ने अपने पूरे कैंपेन में इसका जिक्र तक नहीं किया। इसका कारण है बारी-बारी सत्ता संभालने की चाहत और साझा हित। 6 दिसंबर 2018 को जब विधानसभा के शीतकालीन सत्र में सरकार ने यह संशोधन विधेयक पेश किया तो कांग्रेस ने ‘मित्र विपक्ष’ की भूमिका निभाते हुए इसे आराम से पास होने दिया।नए संशोधन के जरिए राज्य सरकार ने अब तक चले आ रहे कानून में धारा 143-क और धारा-154 (2) जोड़ते हुए पहाड़ों में भूमि खरीद की अधिकतम सीमा खत्म कर दी है। अभी तक राज्य में कृषि योग्य जमीन खरीदने की अधिकतम सीमा 12.5 एकड़ थी और इसे वही व्यक्ति खरीद सकता था जो सितंबर, 2003 से पहले तक यहां जमीन का खातेदार रहा हो। ...........

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