क्या आप सच में हिन्दू हित चाहते हैं?? तो केवल इतना भर कीजिए...

4 months ago
अभिजीत सिंह
महात्मा गांधी जी की हत्या के बाद जब संघ पर प्रतिबंध लगाया गया था तब संघ के अंदर एक बात बहुत जोर-शोर से उठी थी कि संघ को भी राजनैतिक क्षेत्र में जाकर काम करना चाहिये। राजनीति दृष्टि संकुचित करती है और संघ का मूल दर्शन समग्र हिन्दू समाज को साथ लेकर चलने का था इसलिये संघ में इस बात पर लेकर एक राय नहीं बन रही थी। संघ के पुराने लोग बतातें हैं कि पूज्य गुरूजी तो इस विचार से ही इतने आहत हुए थे कि उन्होंने बाकी लोगों से कह दिया था कि जिसे राजनीति करनी है वो जाकर राजनीति करे, मैं पुनः पूज्य डॉक्टर साहब की तरह पांच बच्चों को लेकर शाखा लगाऊंगा। खैर, जनसंघ बना और पंडित दीनदयाल उपाध्याय जैसे प्रमाणिक लोग उसका काम देखने भेजे गये। गुरूजी ने जनसंघ के लिये कार्यकर्ता भेजे तो उन्हें स्पष्ट कहा कि राजनीति में आपकी भूमिका केवल नट की है, अपना अभिनय करो और वापस आ जाओ, उस किरदार से दिल न ...........

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