क्या प्रदर्शनों के नाम पर "भीड़तंत्र के आतंक" से जनता को मुक्ति मिलेगी?

2 weeks ago
desiCNN
हिंसा पर एक-दूसरे दल व राजनेता पर आरोप-प्रत्यारोप की संसद में जबरदस्त राजनीति जारी है, हालात देखकर लगता है कि सभी राजनैतिक दलों को केवल और केवल अपने वोटबैंक को साधने की चिंता है, किसी को भी इंसान, इंसानियत, समाज व देश की चिंता नहीं है, हिंसा के षडयंत्रकारियों व दोषियों पर सख्त कार्यवाही में हर दल का अपनी ढपली अपना राग चल रहा है। हर कोई अपने दल के बेतुके आग उगलने वाले बयानवीरों को बचाना चाह रहा है व दूसरे दल के नेताओं को हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहरा कर उनको सजा दिलाने की मांग कर रहा है। कोई भी राजनैतिक दल अपने गिरेबान में झाकने के लिए तैयार नहीं है कि उसके चंद नेताओं ने लोगों से भड़काऊ बातें करके देश व समाज का कितना बड़ा नुकसान कर दिया है। अब भी सब केवल अपने क्षणिक राजनैतिक स्वार्थ को पूरा करने के लिए देश के अमनचैन व भाईचारे से खिलवाड़ करने से भी बाज नहीं आ रहे है।कोई भ...........

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