क्या वर्ष 2020 में भी राजनैतिक परिदृश्य उथलपुथल भरा ही रहेगा??

8 months ago
desiCNN
– ललित गर्ग-जब नववर्ष प्रारम्भ हो रहा है या यूं कहूं कि इक्कीसवीं शताब्दी का ट्वींटी-ट्वींटी प्रारम्भ हो रहा है, तब इसकी पूर्व संध्या पर मुझे भारत की एक नवीन तस्वीर दिखाई दे रही है। बीता वर्ष जाते-जाते घटनाबहुल बन गया। राष्ट्रीय स्तर पर जहां राममंदिर, अनुच्छेद 370, तीन तलाक कानून, एनआरसी और नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) से जुड़ी अनेक घटनायंे घटित हुईं, वहीं महाराष्ट्र एवं झारखंड के बदलते राजनीतिक परिदृश्यों-मूल्यमानकों ने राजनीति की नयी परिभाषाओं को गढ़ा है, इनसे जन-मानस गहरे रूप में प्रभावित हुआ है।झारखंड एवं महाराष्ट्र में राजनीतिक मूल्यों का टूटना, जिसने यह साबित किया कि सत्ता के मोह एवं मुड़ में राजनीति की दीवारें अलग नहीं कर सकतीं। किंपलिंग की विश्व प्रसिद्ध पंक्ति है-”पूर्व और पश्चिम कभी नहीं मिलते।“ पर मैं देख रहा हूं कि कट्टर विरोधी मिलकर संवाद स्थाप...........

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