खाई को कम करिये... गधे-घोड़े में अंतर करिये...

4 months ago
desiCNN
लो जी चुनाव निपट गये, एक्जिट पोल भी आने लगे हैं। भाजपा के कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवीयों की नाराजगी फिर से उभरने लगी है। लोग कहने लगे हैं कि इतना काम करने के बाद भी चुनाव में हार क्यों हो जाती है? चुनाव में हार या जीत जनता से अधिक कार्यकर्ता या दल के समर्थक दिलाते हैं। इस मामले में कांग्रेस की प्रशंसा करूंगी कि उन्होंने ऐसी व्यवस्था खड़ी की कि कार्यकर्ता-समर्थक और नेता के बीच में खाई ना बने। नेता को यदि सत्ता के कारण सम्मान मिलता है तो बुद्धिजीवी को भी विषय-विशेष के लिये समाज में सम्मान भी मिले और स्थान भी मिले, तभी यह खाई पट सकेगी। बस भाजपा और उनके प्रमुख संगठन संघ की यही बड़ी चूक है कि वह कार्यकर्ता को सम्मान नहीं दे पाती। दो मित्र एक साथ राजनैतिक क्षेत्र में आते हैं, एक नेता बन जाता है और दूसरा कार्यकर्ता रह जाता है। नेता बना मित्र, अपने ही मित्र से आशा रखता है कि व...........

For More Download the App