गणतंत्र दिवस 2007 और मीडिया

12 years ago
Suresh Chiplunkar
गणतन्त्र और हमारा मीडिया कल ही गणतन्त्र दिवस (Republic Day of India) था और मै सोच रहा था कि लोगों, मित्रों को बधाई दूँ या उनसे शोक व्यक्त करूँ.... आज से पचास-साठ वर्ष पूर्व जिस आम आदमी को बाहर धकियाकर विशिष्टजनों के जिस गणतन्त्र का निर्माण किया गया, देखते-देखते कब वह "गनतन्त्र" बन गया आम आदमी जान भी नहीं सका... और जिन मूलभूत अधिकारों की गाथा हमें सुनाई गई थी वे तो शुरू से ही आम आदमी के लिये नही थे, ना कभी मिलने थे, ना आगे भी मिलेंगे... जो थोडी-बहुत आशा एक जमाने में उन्मुक्त और खुले प्रेस (Free Press) से थी अब वह भी धीरे-धीरे क्षीण होती नजर आ रही है.. . मैं अपने भाईयों से पूछना चाहता हूँ कि क्या वे आज के हमारे मीडिया कवरेज से संतुष्ट हैं, क्या उन्हें लगता है कि हमारा प्रिन्ट (Print Media in India) और इलेक्ट्रानिक मीडिया (Electronic Media) अपनी भूमिका का सही निर्वहन कर रहा है ? क्या हमारा मीडिया बाहुबलियों, धनवानों, सेलेब्रिटीय...........

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