गणतंत्र... बाबासाहब आंबेडकर और घिसटता हुआ आरक्षण...

1 month ago
desiCNN
दो शब्दों से मिलकर बना है गणतंत्र । गण और तंत्र । गण का शाब्दिक अर्थ है दल/समूह/लोक। तंत्र का शाब्दिक अर्थ है डोरा/सूत (रस्सी)। अर्थात ऐसी रस्सी/डोरा,जो लोगों के समूह को जोड़े,लोकतंत्र कहलाता है।भारत में लोकतंत्र है और राजनेताओं ने लोकतंत्र का आधार, आरक्षण को बना दिया है। भ्रष्ट प्रशासन ,शिक्षा से लेकर न्याय तक का राजनैतिककरण होना,लोकतंत्रात्मक प्रणाली का जुगाड़ तंत्रात्मक हो जाना आदि अन्य सामाजिक कुरीतियों ने जन्म ले लिया। 25/08/1949 ई में संविधान सभा में अनुसूचित जाति,अनुसूचित जनजाति आरक्षण को मात्र 10 वर्ष तक सिमित रखने के प्रस्ताव पर एस. नागप्पा व बी. आई. मुनिस्वामी पिल्लई आदि की आपत्तियां आई। डॉक्टर अम्बेडकर ने कहा मैं नहीं समझता कि हमे इस विषय में किसी परिवर्तन की अनुमति देनी चाहिए। यदि 10 वर्ष में अनुसूचित जातियों की स्थिति नहीं सुधरती तो इसी संरक्षण को प्रा...........

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