गाँधी और गोड़से पर निरंतर विमर्श भविष्य की पीढ़ियों हेतु जरूरी है...

2 months ago
desiCNN
किसी की हत्या कर देना ‘राष्ट्रद्रोह’ का पर्याय नहीं हो सकता, अपरिहार्य राष्ट्रीय कारणों से किये जाने पर तो कतई नहीं । नत्थुराम गोड्से के सम्बन्ध में यह तथ्य एक बहुत बडा सत्य है । महात्मा गांधी की हत्या करने का अपयश मोल लेने के बावजूद गोड्से के मन में गांधी जी के प्रति अनुराग-सम्मान युक्त सद्भाव सर्वाधिक था, किसी गांधीवादी से भी ज्यादा ! अतएव गोड्से के प्रति नफरत गांधीवाद की खिलाफत है । नत्थूराम गोड्से ने गांधीजी को गोली मार कर मौत के मुंह सुला दिया, यह तो एक ऐतिहासिक सत्य है ; किन्तु गोड्से के मन में गांधी के प्रति श्रद्धा-सम्मान युक्त अनुरागपूर्ण सद्भाव भरा हुआ था, यह एक भी एक प्रामाणिक सत्य है । इसके प्रमाण आज भी देखे जा सकते हैं । जी हां , महात्मा के प्रति गोड्से के अनुराग का प्रमाण ! पुणे के गोड्से सदन में नत्थूराम की पार्थिव देह की राख व अस्थियां महात्माजी के ...........

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