गाँधी की वसीयत को सही आकार देने में जुटी वर्तमान काँग्रेस...

2 weeks ago
desiCNN
लेखक : मनोज ज्वाला कांग्रेस की वर्तमान स्थिति व प्रवृति को देखने से ऐसा प्रतीत होता है महात्मा गांधी की एक इच्छा उनकी अपेक्षा से उलट वीभत्स रुप में अब शीघ्र पूरी होने वाली है । १५ अगस्त १९४७ के बाद गांधी जी ने कहा था कि भारत की आजादी का लक्ष्य पूरा हो जाने के बाद एक राजनीतिक दल के रुप में कांग्रेस के बने रहने का अब कोई औचित्य नहीं है, अतएव इसे भंग कर के लोक सेवक संघ बना देना चाहिए और कांग्रेस के नेताओं को सामाजिक कार्यों में जुट जाना चाहिए । गांधीजी ने अपनी हत्या के तीन दिन पहले यानी २७ जनवरी १९४८ को एक नोट में लिखा था कि अपने “वर्तमान स्वरूप में कांग्रेस अपनी भूमिका पूरी कर चुकी है, अतएव इसे भंग करके एक लोकसेवक संघ में तब्दील कर देना चाहिए। यह नोट एक लेख के रूप में 2 फ़रवरी 1948 को ‘महात्मा जी की अंतिम इच्छा और वसीयतनामा’ शीर्षक से ‘हरिजन’ में प्रकाशित हुआ था । यानी गा...........

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