चुनावी बांड के नाम पर काले धन को छुपाने हेतु सभी राजनैतिक दलों की मिलीभगत...

1 week ago
desiCNN
देश के विभिन्न वर्गों द्वारा चुनावी बॉन्ड पर सवाल उठाए जाने और सुप्रीम कोर्ट में इसकी वैधता को चुनौती देने वाली याचिका लंबित होने के बावजूद केंद्र की मोदी सरकार इसकी छपाई जारी रखे हुए है. आलम ये है कि अब तक में करीब 19,000 करोड़ रुपये के चुनावी बॉन्ड की छपाई हो चुकी है और कुल 13 चरणों में 6200 करोड़ रुपये से ज्यादा के चुनावी बॉन्ड की बिक्री हो चुकी है. सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून के तहत दायर किये एक आवेदन के जरिये इसका खुलासा हुआ है. दस्तावेजों से यह भी पता चलता है कि चुनावी बॉन्ड को छापने में जो खर्च आता है उसकी भरपाई बॉन्ड का खरीददार नहीं, बल्कि सरकार कर रही है. अप्रत्यक्ष रूप से जनता की जेब से इस खर्च का भुगतान किया जा रहा है. एक चुनावी बॉन्ड को छापने 25 रुपये का खर्च आता है और इस पर छह फीसदी केंद्र एवं छह फीसदी राज्य जीएसटी भी लगता है. इसके अलावा चुनावी बॉन्ड को खरीदने और इस...........

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