जातिगत जनगणना की माँग :- व्यापक और गंभीर बहस होना चाहिए

6 months ago
desiCNN
जाति आधारित जनगणना की मांग एकबार फिर सतह पर आ गई है। बिहार विधानसभा ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से 2021 में होने वाली जनगणना जातीय आधार पर कराने की मांग की गयी है। प्रस्ताव लाते समय आश्चर्य की बात रही कि सभी जातीय भेदों को नकारते हुए बिना विवाद के प्रस्ताव पास कर दिया गया। ऐसा इसलिए संभव हुआ क्योंकि बिहार विधानसभा के चुनाव इसी साल के अंत में होने वाले हैं। वैसे, जातीय जनगणना की मांग कोई नई नहीं है। इसी वजह से 2011 की जनगणना के साथ अलग प्रारूप पर सामाजिक, आर्थिक और जाति आधारित जनगणना की गई थी किंतु मूल जनगणना के साथ की गई गिनती के आंकड़े न तो मनमोहन सिंह सरकार ने उजागर किए और न ही नरेंद्र मोदी सरकार ने। जाति आधारित जनगणना की मांग करने वाले नेताओं का कहना है कि इसके निष्कर्ष से निकले आंकड़ों के आधार पर जिन जातियों की जितनी संख्या है, उस आधार पर कल्याणक...........

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