तमाम उठापटक के बाद अंततः नगा समझौता पूर्ण होने के करीब है...

2 weeks ago
desiCNN
नगा विद्रोही गुटों के साथ 22 वर्षों की वार्ता के बाद ऐसा लगता है कि केंद्र सरकार इस 72 वर्षीय समस्या के समाधान के नजदीक पहुंच गई है। मोदी सरकार और एनएससीएन (इसाक-मुइवा) गुट के बीच 2015 में हुए फ्रेमवर्क एग्रीमेंट के बाद अलग झंडे और अलग संविधान की विद्रोहियों की मांग जैसे जटिल मुद्दों के कारण यह वार्ता टूट गई थी। इसी के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने वार्ताकार ( और अब नगालैंड के राज्यपाल) आर एन रवि को अंतिम समाधान के लिए तीन महीने का वक्त दिया था, जो कि 31 अक्तूबर को खत्म हो गया। जब एनएससीएन सुप्रीमो थुइंगलेंड मुइवा ने जोर दिया कि उनका गुट तब तक समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करेगा, जब तक कि भारत नगालैंड को एक पृथक झंडा और पृथक संविधान देने को राजी न हो जाए, तो रवि ने धमकी दी कि वह छोटे नगा गुटों के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर कर देंगे, फिर चाहे एनएससीएन (इसाक-मुइवा) का गुट इसमें शामिल ह...........

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