नथूराम गोडसे का मृत्युपत्र...

2 months ago
Suresh Chiplunkar
इस मृत्युपत्र का पूरा टेक्स्ट इस प्रकार है... प्रिय बंधो ! चि. दत्तात्रय वि. गोडसे मेरे बीमा के रुपिया अगर आ जायेंगे तो उस रुपिया का विनियोग आपके परिवार के कार्य के लिए करना। रु. २००० आपकी पत्नी के नाम पर। रु. ३००० चि, गोपाल की धर्मपत्नी के नाम पर और रु. २००० आपके नाम पर। इस तरह से बीमा के कागजों पर मैंने रुपिया मेरी मृत्यु के बाद मिलने के लिये लिखा है. मेरी उत्तर क्रिया करने का अधिकार अगर आपको मिलेगा, तो आप आपकी इच्छा से किसी तरह से भी इस शुभ कार्य को समाप्त करना, लेकिन मेरी अन्तिम विशेष इच्छा यही लिखता हूँ. अपने भारत वर्ष की सीमारेषा सिंधू नदी है। जिसके किनारों पर वेदों की रचना प्राचीन दृष्टाओं ने की है। वह सिंधु नदी, जिस शुभ दिन में फिर भारत वर्ष के ध्वज की छाया में स्वच्छंदता से बहती रहेगी उन दिनों में मेरी अस्थियों या रक्षा का कुछ छोटा सा हिस्सा उस सिंधु नदी में बहा दि...........

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