पाकिस्तान की शिक्षा प्रणाली, भारत के “नॉस्टैल्जिक” बुद्धिजीवी और “शर्मनिरपेक्षता”… (भाग-2)

10 years ago
Super User
Pakistan Education System & Indian Secular Intellectuals (part-2)… भाग-1 (यहाँ देखें) से आगे जारी…कल्पना कीजिये कि 14-15 साल के बच्चे को कक्षा 9-10 में बताया जा रहा है कि “दक्षिण एशिया और समूचे विश्व में मुसलमानों की गिरती हालत इसलिये है क्योंकि मुसलमानों में “जेहाद” की भावना में कमी आ गई है…” (पाकिस्तान स्टडीज़, पेज 7, कक्षा 9)। “इस्लाम में जेहाद एक बहुत महत्वपूर्ण बात है, जो जेहाद करता है वह कभी नहीं मरता…” (पाकिस्तान स्टडीज़, पेज 10, कक्षा 9-10)। “हर मुसलमान को जेहाद के लिये अपनी जिन्दगी और सम्पत्ति दाँव पर लगाने को तैयार रहना चाहिये, जेहाद और सारी कुर्बानियों का मकसद सिर्फ़ “अल्लाह” को खुश करना है…” (पाकिस्तान स्टडीज़, पेज 4, कक्षा 12)। “अंग्रेजों ने हमारी लायब्रेरियों से कई दुर्लभ पुस्तकें इंग्लैण्ड भेज दीं ताकि इस्लाम का विश्व में प्रसार ना हो सके…” (सोशल स्टडीज़, पेज 99, कक्षा 6)। कराची निवासी प्रोफ़ेसर मियाँ मुहम्मद अस...........

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