पिछले ३० साल से महिला वेश में क्यों रहते हैं चिंताहरण चौहान?? जानिये

2 weeks ago
desiCNN
मौत भले ही शाश्‍वत सत्य है लेकिन इसका खौफ सभी को होता है। तभी तो सुहाग की साड़ी, कान में झुमका, नाक में नथिया और हाथों में कंगन के साथ सोलहों श्रृंगार करके एक शख्‍स तीस वर्ष से अपने जीवन की नैया खे रहा है। इन्‍होंने पूर्व आइपीएस डीके पांडा की तरह राधा बनने का शौक नहीं पाला है बल्कि विवशता है। विडंबना कहें या हकीकत, संयोग कहें या कुछ और कि परिवार के 14 लोगों को खोने वाले इस शख्स ने अब अपना रूप ही बदल लिया है। महिलाओं के लिबास में रहकर जीविकोपार्जन करने वाले इस श्रमिक की पीड़ा सुनकर हर कोई द्रवित हो जाता है। साड़ी पहनकर काम करना है विवशता हम बात कर रहे हैं जलालपुर क्षेत्र के हौज खास गांव निवासी 66 वर्षीय वृद्ध चिंताहरण चौहान उर्फ करिया की। इनकी जीवनगाथा किसी हारर फिल्म जैसी है। माता-पिता ने 14 साल की उम्र में ही उनकी शादी कर दी। विवाह के कुछ दिन बाद जीवन साथी ने साथ छोड़ दि...........

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