पीपली लाईव के असली हीरो की दुर्गति और निष्ठुर आमिर खान

4 months ago
desiCNN
आपको याद होगी वह घटना जब हर कोई बेहताशा सेहरा गांव की ओर सरपट भागे जा रहा था। उस दिन गांव में जैसा मेला लगा हो और देश भर के टी वी चैनलो की ओवी वैन से भरा पूरा गांव जहां पर आम आदमी को पैर रखने की जगह तक नसीब नहीं हो रही थी उस गांव में एक बार फिर सावित्री और सत्यवान की कहानी चलचित्र की तरह दिमागी पटल पर चल रही थी। अपने घर के आंगन में स्थित हनुमान मंदिर में बैठा वह बुढ़ा इंसान आज भी अपने घर की ओसारी में पड़े लकड़ी के पंलग पर तार – तार हो चुकी कथड़ी और सिरहाने लगी दिवाल पर अपना सिर टिकाये कुछ सोया कुछ जागा हुआ था। मुझे इस हालत में देख कर उसके एक मात्र पुत्र अनिरूद्ध ने पहले मेरी खबर पुछी और फिर अपना दर्द बताने लगा। यूं तो सेहरा आना – जाना लगा रहता है और आज मई महीने के पहले सप्ताह में चालिस हो रहे तापमान के बीच जब गांव पहुंचा तो पहले खबर ली कुुंजीलाल बाबा कैसे है। गांव की सहकारी स...........

For More Download the App