पेट पर लात पड़ी, तब वामपंथ समझे स्टरलाईट के मजदूर

9 months ago
Suresh Chiplunkar
जो लोग घटनाओं पर निगाह बनाए रखते हैं, उन्हें इस बात की जानकारी अवश्य होगी कि कुछ माह पहले किस तरह से तमिलनाडु के थोठुकुदी स्थित भारत के सबसे बड़े तांबा निर्माण उद्योग अर्थात वेदांता समूह के स्टरलाईट इंडस्ट्रीज के सामने मजदूरों का प्रदर्शन हुआ था. यह प्रदर्शन आगे चलकर हिंसक भी हुआ और पुलिस को गोली चलानी पड़ी, जिसमें कुछ मजदूर मारे गए. यह सारा आंदोलन एक वामपंथी NGO द्वारा प्रायोजित था, जिसने “पर्यावरण प्रदूषण” के नाम पर मजदूरों को भड़काया था. याद है ना?? असल में हारे-थके और निराश वामपंथियों को जब भी अपनी जमीन बनानी होती है, तब उन्हें केवल हिंसा का मार्ग सूझता है. वामपंथ ने हमेशा मजदूरों को उल्लू बनाया और देश के उद्योगपतियों को केवल कोसा है. इसी कारण पश्चिम बंगाल और केरल आज उद्योग एवं रोजगार के मामले में बेहद पीछे हैं. बहरहाल, जब वामपंथ द्वारा बन्द करवाए गए उद्योग के ज...........

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