ब्रेकिंग इण्डिया षड्यंत्र :- पश्चिमी इतिहासकारों के दृष्टि दोष उजागर हुए...

1 week ago
desiCNN
आर्य और द्रविड़ को लेकर ईसाई पादरियों द्वारा जाति, भाषा, सभ्यता, संस्कृति, क्षेत्र और धर्म के आधार पर काल्पनिक विभेद को विश्व इतिहास में सत्य साबित करने के लिए पिछले दो सौ वर्षों के अन्तराल में एक षड्यंत्र के तहत अभियान चलाया गया। भारत में ब्रिटिश सत्ता जब तक कायम रही तब तक भारतीय समाज को कई स्तरों पर ईसाई पादरियों ने ‘फूट डालो और राज्य करो’ नीति के तहत विभाजित करने के कुत्सित प्रयास किए। जिसका साथ ब्रिटिश सत्ता और विदेशी इतिहासकारों ने दिया जिसमें काफी हद तक वे सफल भी रहे। उदाहरण के लिए द्रविड़ शब्द की कल्पना 1856 में काल्डवेल नामक ईसाई पादरी ने ‘Comparative Philology of the Dravadian or South Indian Languages’ नामक पुस्तक में किया। इस पुस्तक से पहली बार द्रविड़ शब्द गढ़कर, इस सरारत का सूत्रपात किया गया। बाद में यह शब्द दक्षिण की भाषा, जाति और वहाँ के लोगों के लिए प्रचलित हो गया, जो बाद में रूढ़ हो गया। जब की ...........

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