भारतीय धर्मग्रन्थ, मिशनरी और पश्चिम के निशाने पर क्यों हैं??

6 months ago
desiCNN
पश्चिम के मजहबी झण्डाबरदारों ने प्राचीन भारतीय शास्त्रों-ग्रन्थों के विकृतिकरण का अभियान-सा चला रखा है। इसके लिए भारतीय वाङ्ग्मय में घुसने का सुराख तमिल साहित्य में सेंध मारकर बनाया गया है। जबकि वेदों का उल्टा-पुल्टा अनुवाद करने वाले षड्यंत्रकारी मैक्समूलर के ‘द्रविड़वाद’ को सेंधमारी के लिए औजार के तौर पर इस्तेमाल किया गया।द्रविड़वाद नामक औजार से बौद्धिक व्याभिचारियों ने दक्षिण भारतीय तमिल साहित्य को अपने घेरे में जकड़ लिया है और इस भूभाग को शेष भारत से अलग-थलग करने के बावत अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर भी जमीन तैयार कर रखी है। राजीव मलहोत्रा ने अपनी पुस्तक- ‘ब्रेकिंग इण्डिया’ में इसका विस्तार से खुलासा किया है, जिसके अनुसार देइवनयगम नामक दक्षिण भारतीय लेखक की संस्था- ‘दी ड्रैविडियन स्पिरिचुअल मूवमेण्ट’ ने ‘दी इंस्टीच्यूट ऑफ एशियन स्टडीज’ और ‘न्यूयॉर...........

For More Download the App