भारत की उच्च शिक्षा से वेद और संस्कृति गायब है...

4 months ago
desiCNN
(लेखक :- डॉक्टर मयंक चतुर्वेदी)ज्ञान और शिक्षा सिर्फ किताबें नहीं हो सकती हैं। शिक्षा का लक्ष्य व्यक्ति का सर्वांगीण विकास होना चाहिए। इसके लिए नवोन्मेष जरूरी है। अगर यह रुक जाता है तो जिंदगी ठहर जाती है। नालंदा, विक्रमशिला और तक्षशिला जैसे हमारे प्राचीन विश्वविद्यालयों में ज्ञान और नवोन्मेष दोनों का समान महत्व था। आज हमने स्‍वामी विवेकानंद की शिक्षा को भुला दिया है। जरूरत है कि विद्यार्थियों को कालेज, यूनिवर्सिटी के क्लास रूम में तो ज्ञान दें ही, उन्हें देश की आकांक्षाओं से भी जोड़ा जाए. वस्‍तुत: यह समस्‍त विचार प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के हैं। प्रधानमंत्री 30 सितंबर को दिल्ली के विक्षान भवन में कुलपतियों और अन्य शिक्षाविदों के एक आयोजन को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री के उद्बोधन के साथ ही इस अंतर्विरोध पर विचार होना चाहिए कि वर्तमान उच्‍च शिक्ष...........

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