भारत के "देशद्रोही बौद्धिक बहादुरों" की घृणित करामातें जानिये...

3 months ago
desiCNN
मुट्ठीभर अंग्रेज इंग्लैण्ड से कई गुणा विशाल भारत पर शासन करने में इसी कारण सफल हो पाए, क्योंकि उनकी सेना और पुलिस में 90 प्रतिशत से अधिक लोग भारतीय थे। छल-छद्म की रीति व कुटिल कूटनीति से भारतीय राजाओं-रजवाड़ों का सहयोग-समर्थन और अंग्रेजी पढ़े-लिखे लोगों के अंग्रेज-परस्त प्रशिक्षण से निर्मित जन-मन में अंग्रेज-नस्ल की श्रेष्ठता का भाव भरकर यहां शासन व विभाजन करने में सफल रहे वे लोग आजाद भारत को भी अपनी उसी नीति से शासित व विभाजित करने में लगे हुए हैं। इसके लिए अब वे औपनिवेशिक सेना-पुलिस के भारतीय जवानों का नहीं, बल्कि शैक्षणिक-अकादमिक संस्थानों के भारतीय ‘बौद्धिक बहादुरों’ का इस्तेमाल कर रहे हैं।भारत के प्राचीन शास्त्रों-ग्रन्थों के ईसाई-हितपोषक औपनिवेशिक अनुवाद हों या आर्यों के पश्चिमी-विदेशी मूल के होने का बेसुरा-बेतुका राग, नस्ल-विज्ञान का गोरी चमड़ी की क...........

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