भारत में बढ़ते बेरोजगारी के आँकड़े : चिंता का विषय

1 week ago
desiCNN
पिछले कई दिनों से मैं बाइक टैक्सियों से चल रहा हूं। इन्हें चलाने वाले जितने भी लोग अभी तक मिले, सभी के पास नौकरी छूटने कहानियां हैं। नौकरी छूट चुकी है, लेकिन घर तो कैसे भी करके चलाना है। वे बताते हैं, बाइक टैक्सी से सारी जरूरतें पूरी नहीं हो पातीं लेकिन कम से कम पेट तो खाली नहीं रहेगा। पिछले दिनों जो पीरियॉडिक लेबर सर्वे 2017-18 आया था, उसने बताया कि देश में पिछले 45 साल में इतनी बेरोजगारी नहीं देखी गई, जितनी इस वक्फे में देखी गई। इस सर्वे में बेरोजगारी की दर 6.1 प्रतिशत बताई गई थी। रोजगार की हालत अभी भी ठीक नहीं है। अर्थशास्त्रियों ने इस सर्वे को डिकोड करना शुरू किया है। बेंगलुरु की अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी ने हाल ही में इस सर्वे को डिकोड करके कुछ बातें बताई हैं जो युवाओं में बेरोजगारी की हालत सहित सरकारी और प्राइवेट नौकरियों की गुणवत्ता के बारे में काफी चीजें साफ करती ह...........

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