भारत में "राष्ट्रीय भावना" वाले विपक्ष की सख्त जरूरत

3 weeks ago
desiCNN
राष्ट्रवाद की सांस्कृतिक अवधारणा के साथ भारत की शासनिक सत्ता पर भारतीय जनता पार्टी की धमक और उसके परिणामस्वरुप कांग्रेस व उसकी सहयोगी पार्टियों की हुई मरणासन्न हालत से देश में एक राष्ट्रीय विपक्ष की सख्त जरुरत महसूस होने लगी है । १६वीं लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा को मिले व्यापक जनमत के कारण कांग्रेस इस कदर सत्ता से बेदखल हो गई कि वह कायदे से एक अदद ‘विपक्ष’ का दर्जा भी हासिल नहीं कर सकी. उसकी सहयोगी पार्टियों की हालत उससे भी गई गुजरी हो गई , तब भी पूरे पांच वर्ष तक उन सब के द्वारा देश में भाजपा-विरोधी वातावरण ही बनाया जाता रहा, भाजपा के राष्ट्रवाद को वैचारिक स्पर्द्धा देने का विपक्षीय उपक्रम कहीं नहीं दिखा। ऐसा इस कारण हुआ , क्योंकि भाजपा-विरोधी कांग्रेस, राजद, बसपा, सपा, तृणमूल कांग्रेस, तेदेपा, द्रमुक, भाकपा, माकपा, आदि तमाम पार्टियां विरोधवाद को ही धार देने म...........

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