मदारपुर का युद्ध, ब्राह्मणों का भीषण नरसंहार और राम मंदिर

2 months ago
desiCNN
कान्यकुब्ज ब्राह्मणो की भुमिहार / भुंइहार शाखा की अगुवाई में सभी कुल के (सैनिक, असैनिक / साधारण गृहस्थ) ब्राह्मणो ने, वर्तमान कानपुर जिले के 'चौबेपुर विकासखंड' के (कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन से 26 किमी की दूरी पर, जी. टी. रोड के निकट स्थित) मदारपुर क्षेत्र में बाबर की सेना से विक्रमी संवत 1584 (ईस्वी वर्ष 1527-28) में एक ऐतिहासिक और भीषण युद्ध लड़ा था. परम्परागत युद्धकला में प्रवीण ब्राह्मण योद्धा बाबर की विशाल और तोप/बारूद से सुसज्जित उस समय की अत्याधुनिक सेना के सामने ज्यादा टिक नही पाए, इसमे पचासों हज़ार ब्राह्मण निर्ममतापूर्वक मारे गए थे और ब्राह्मणों का इतिहास में सबसे बड़ा पलायन हुआ.इस युद्ध से प्रभावित ब्राह्मणों ने वर्तमान पूर्वी उत्तरप्रदेश (जौनपुर, आज़मगढ़, गाजीपुर, समेत कई क्षेत्रों), मध्य-उत्तर उत्तरप्रदेश (लखीमपुर, बहराईच आदि क्षेत्रों), बुंदेलखंड, समस्त बिहार (व...........

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