महाभारत :- संजय के पास कोई दिव्य दृष्टि नहीं थी, भ्रम दूर कर लीजिए

1 week ago
desiCNN
महाभारत के बारे में जिस प्रकार अनेकों भ्रान्तियों को समाज में फैलाया गया है , उनमें से एक यह भी है कि संजय को वेदव्यासजी के द्वारा दिव्य दृष्टि प्राप्त हो गई थी । जिसके माध्यम से वह महाभारत के युद्ध का आंखों देखा हाल हस्तिनापुर के राजभवन में बैठा हुआ, धृतराष्ट्र को सुनाया करता था । इस विषय में महाभारत की अंतःसाक्षी में ऐसा प्रसंग कहीं पर भी नहीं है कि वेदव्यास जी युद्ध आरम्भ होने से पहले राजभवन में आए हों और उन्होंने वहाँ पर अपनी ओर से धृतराष्ट्र के सामने यह प्रस्ताव रखा हो कि यदि वह चाहे तो मैं उन्हें दिव्य दृष्टि प्रदान कर सकता हूँ ।जिससे वह यहीं पर बैठे हुए महाभारत के युद्ध को देख सकते हैं । ऐसा सुनकर धृतराष्ट्र ने कहा कि वह अपने बेटों के गिरते हुए शवों को देखना नहीं चाहते। अतः यदि आप ऐसी कृपा करना ही चाहते हैं तो यह दिव्य दृष्टि मेरे सारथी संजय को प्रदान कीजिए...........

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