मिलावटखोरी के इस काले दौर में कहाँ-कहाँ बचेंगे हम....

1 month ago
desiCNN
लेखिका :- निर्मल रानीएक और त्रासदी जिससे हमारा देश दशकों से जूझ रहा है वह है मिलावटख़ोरी। मिलावटख़ोरी करने वाले लालची लोग जो कि कम समय में ज़्यादा पैसे कमाने के इच्छुक हैं, वैसे तो जहाँ तक संभव हो प्रत्येक वस्तु में मिलावट करने की कोशिश करते हैं। परन्तु इन लालची लोगों द्वारा मिलावटख़ोरी का जो सबसे खरनाक खेल खेला जा रहा है वह है खाद्य व पेय सामग्री में होने वाली मिलावट का। आज भारतीय बाज़ार में बिकने वाली शायद कोई भी खाद्य या पेय सामग्री ऐसी नहीं है जो मिलावट के लिहाज़ से संदिग्ध न हो। भारत में सबसे पवित्र समझा जाने वाला पेय, दूध ही सबसे अधिक संदिग्ध पेय पदार्थ हो गया है। डेयरी से मिलने वाले दूध से लेकर बड़े बड़े दुग्ध उत्पादक कोऑपरेटिव संस्थान व दुग्ध उद्योग सभी संदिग्ध हो चुके हैं। कई बार यह ख़बरें आ चुकी हैं की थैलियों में मिलने वाला दूध भी सुरक्षित नहीं है। फल...........

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