“मॉर्निंग आफ़्टर पिल्स” - मुक्त यौनाचार की ओर बढ़ता भारत और स्वास्थ्य खतरे

12 years ago
Super User
Morning After Pills, FDA, health threatsऐसा लगता है कि अब यह मान लिया गया है कि “नैतिक शिक्षा” की बात करना दकियानूसी है और सार्वजनिक स्त्री-पुरुष सम्बन्धों में नैतिकता की बात करना बेवकूफ़ी। सरकारों की सोच है कि समाज को खुला छोड़ देना चाहिये और उस पर कोई बन्धन लागू नहीं करना चाहिये, ठीक वैसे ही जैसा कि सरकारों ने बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के लिये किया हुआ है। फ़िल्मों और टीवी के बढ़ते खुलेपन ने बच्चों को तेजी से जवान बनाना शुरु कर दिया है, डॉक्टर भी इस बात को स्वीकार करते हैं कि लड़कियों में मासिक धर्म की औसत आयु काफ़ी कम हो चुकी है। भारत के समाज में धीरे-धीरे कपड़े उतारने की होड़ बढ़ती जा रही है, और दुख की बात यह है कि सरकारें भी इसमें खुलकर साथ दे रही हैं। कभी वह “जोर से बोलो कंडोम” का नारा लगवाती हैं, तो कभी एनजीओ (NGO) के माध्यम से ट्रक ड्रायवरों और झुग्गियों में कंडोम बँटवाती हैं। हाल ही में एक और धमाके...........

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