मोदी अब मरणासन्न काँग्रेस से गाँधी छीन लेंगे

3 months ago
desiCNN
जिस कांग्रेस को मोहनदास करमचंद्र गांधी ने पल्लवित औऱ पुष्पित किया वह 134 साल में लगता है हारने के बाद थक भी गई है. हताश पार्टी उस गांधी की साधना में लगी है जो पिछले कई दशकों से सैंकड़ो लोगो के लिये सत्ता की पारस पथरिया है जो स्पर्श होते ही किसी भी आम आदमी को सत्ता के गलियारों में गुलामनबी, सलमान खुर्शीद, प्रतिभा पाटिल औऱ मनमोहन सिंह बना सकता है। लेकिन बदले हुए वक्त में पारस खुद केवल पत्थर सा बनकर रह गया नई पीढ़ी के गांधी ने अपनी कृपा को कछुए की तरह समेट रखा है फिलहाल। दशकों तक कृपापात्र रहे सत्ता से हरियाये एलीट (अभिजन) दुबलाये जा रहे है क्योंकि नेहरू गांधी मतलब लुटियन्स का इंद्रलोक सरीखा वैभव।और बिन गांधी मोदी की निर्मम दुनिया।पर सवाल यह है कि क्या कांग्रेस में गांधी युग फिर से स्थापित होना चाहिये?क्या वास्तव में गांधी से कोई वैचारिक सरोकार इस पार्टी के बचे है ?...........

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