राजीव गाँधी से भारत रत्न वापस लेना चाहिए कि नहीं??

1 month ago
desiCNN
1984 के सिख दंगों की सच्चाई कौन नहीं जानता है? देश के हर प्रबुद्ध नागरिकों का पता है कि सिख दंगा कांग्रेसियों की करतूतों का परिणाम था। यह सिख दंगा नहीं बल्कि सिख कत्लेआम था। सिख कत्लेआम का असली गुनहगार राजीव गांधी था जिसने सिखों का कत्लेआम करने वाले कांग्रेसियों की पीठ थपथपाई थी, उंचे पद पर बैठाया था, पुलिस, प्रशासन और कोर्ट को मोहरा बना कर सिखों के कत्लेआम के दोषियों को बचाया था। सिख दंगों में कोई एक या दो नहीं बल्कि पूरे तीन हजार से अधिक सिखो की हत्या हुई थी, वैसे सिखों की हत्या हुई थी जो निर्दोष थे, जो जनरैल सिंह भिडरावाले के समर्थक भी नहीं थे, जिन्हें पाक प्रायोजित सिख आतंकवाद से कोई लेना-देना नहीं था, बल्कि यह कहना गलत नहीं होगा कि सिख दंगों में मारे गये सिख अंखड भारत के समर्थक थे, जिन्हें अपनी अखंड भारत की संस्कृति पर गर्व था। सबसे वीभत्स कत्लेआम तो देश की राजधान...........

For More Download the App