राम जन्मभूमि मन्दिर का पूर्ण एवं सच्चा इतिहास

2 weeks ago
desiCNN
वैदिक नगर वास्तु-परम्परा कालिदास के रघुवंश में चतुर्मुखी तोरण-धारिणी ब्रह्मा के रूप में प्राप्त है। ब्रिटिश और मुसलमानी अभिलेखों में भी इस स्थान को ‘रामजन्मभूमि’ या ‘जन्मभूमि’ या जन्मस्थान के रूप में उल्लेख है। इस स्थान के विवादित ढाँचे की रचना पूर्वकालिक विष्णु-हरि मन्दिर के ध्वंसावशेष का प्रयोग करते हुए की गई है। इसे बाबर के सेनापति मीरबाकी और जलालशाह द्वारा कपटपूर्ण ़ढ़ंग से मंदिर को ध्वस्त करके मस्जिद का निर्माण कराया गया था। उस समय आक्रमणकारी की जघन्य बर्बरता का उल्लेख सन्त तुलसीदास जी ने अपने ‘तुलसी दोहा शतक’ में किया है –तुलसी अवधहिं जड़ जवन अनरथ किए अनखानि। राम जनम महि मन्दिरहिं तोरि मसीत बनाय॥कवितावली में तुलसीदास जी ने हक जताते हुए लिखा है ‘माँगि के खैबो मसीत को सोइबो’। प्राचीन मन्दिर के अवशेष विवादित ढाँचे में अलंकृत स्तंभ व प्रस्तर खण्...........

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