राम मंदिर पर रवीश कुमार की परेशानी का जवाब

2 months ago
desiCNN
चूँकि 1857 में लोकतंत्र या न्याय प्रणाली विकसित नही थी तो क्या उस समय के अनैतिक कार्यो को आज मान्यता दे दें?? जिस प्रकार हिन्दू निर्माण स्थल पर मस्जिद बनी उससे स्पस्ट है कि हिन्दू इमारत,”जो कि ASI कहती है कि मंदिर हो सकता है” को गिरा देना कानूनी था और 1992 में एक लोकतांत्रिक सरकार थी इसलिए हड़पी गई जमीन पर हिन्दू अपना दावा नही कर सकता जबकि हिन्दू बहुसंख्यक समाज बहुत पहले से इसे श्री राम जन्म भूमि मानता रहा है, रवीश कुमार जी आज की पीढ़ी भी धर्म को लेकर काफी संवेदनशील है, कुछ लोग आज भी सर्वाहारी या सर्वाभोगी होने को पाप मानती है आप सर्वाहारी या सर्वाभोगी हो सकते है ! आप के लिए नर और मादा का विचार मनुष्य तक विस्तृत हो सकता है ! किंतु आज भी बहुत लोग अपने जीवन को आदर्श और मूल्यों पर जीते हैं जो आदर्श श्री राम ने माता सीता ने इस भूभाग पर स्थापित किया जिस आदर्श को गांधी ने जिया देश के ...........

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