विदेश में वह कौन सा मंदिर है, जहाँ 1163 वर्षों बाद पूजा आरम्भ हुई

2 weeks ago
desiCNN
भारत की वैदिक संस्कृति विश्व के कोने – कोने में फैली हुई थी । जिसके प्रमाण आज भी अनेकों देशों में पर्याप्त रूप में मिलते हैं । मूल रूप में भू: भुवः स्व: तीनों शक्तियां ओ३म की ही शक्ति होने की संकेतक हैं । इन्हें ब्रह्मा , विष्णु , महेश के नाम से भी जाना जाता है । कालांतर में अज्ञान के फैलने पर लोगों ने ब्रह्मा , विष्णु , महेश नाम के देवताओं की मूर्तियां बनाना आरंभ कर दिया । लोगों ने उनकी आकृति भी मनुष्य जैसी बनानी आरंभ कर दी। अर्थ का अनर्थ होने लगा । विदेशों में जाकर हमारे लोगों ने अनेकों मंदिरों का निर्माण किया और वहां पर आत्मिक शांति प्राप्त करने के लिए ऐसा परिवेश सृजित किया जिसमें मोक्ष की प्राप्ति करने में व्यक्ति को सहायता मिलती थी।शिव का ऐसा ही एक बहुत सुंदर और प्राचीन मंदिर इंडोनेशिया के जावा में है। 9 वीं शताब्दी में बना भगवान शिव का यह मंदिर प्रम्बानन मंदिर ...........

For More Download the App