विभाजनकारी है कश्मीर का अनुच्छेद 370 : जानिये कैसे?

2 months ago
desiCNN
▶कश्मीर का भारत में विलय➖26 अक्टूबर 1947 को भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 ( इंडियन इंडिपेंडेंस एक्ट 1947 ) के अनुसार जिस विलय पत्र पर कश्मीर के राजा हरिसिंह ने हस्ताक्षर किये थे वह पूर्णतः बिना किसी शर्त के था। इस अधिनियम के अनुसार किसी भी राज्य के भारत में विलय के निर्णय का संपूर्ण अधिकार केवल वहाँ के शासक का ही होता था। इस पर भी राजा हरिसिंह ने यह स्पष्ट कर दिया था कि इस विलय पत्र में कोई भी परिवर्तन या संशोधन हो तो उनकी स्वीकृति आवश्यक होगी । भारत के तत्कालीन गवर्नर जनरल लार्ड माउंटबेटन ने 27 अक्टूबर 1947 को उस विलय पत्र पर अपने हस्ताक्षर करके उसी रूप में उसे स्वीकार किया था । लेकिन माउंटबेटन ने जम्मू-कश्मीर पर पाकिस्तान के कबाइलियों व सेना ने आक्रमण कर देने के कारण वहाँ की असामान्य स्थिति का अनुचित लाभ उठाते हुए अपनी कुटिल चाल चलते हुए राजा हरिसिंह को एक अलग पत्र द्वार...........

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