वैश्विक आधार पर मासिक धर्म मान्यताएँ - केवल हिन्दू निशाने पर क्यों??

9 months ago
नितिन श्रीधर
महिलाओं में मासिक धर्म एक प्राकृतिक और जैविक प्रक्रिया है. यह किसी धर्म विशेष की महिलाओं में तो नहीं होता... लेकिन इस विषय को लेकर हमने भारत में अधिकाँश नारीवादियों और प्रगतिशील बुद्धिजीवियों को हिन्दू धर्म पर निशाना साधते हुए देखा है. लेकिन वास्तविकता कुछ और ही है. मासिक धर्म को लेकर सभी धर्मों-पंथों में स्त्रियों को उन दिनों में आराम देने के इरादे से कई तरह के प्रतिबन्ध और रोक लगाई गई हैं. इसलिए केवल हिन्दू धर्म को गाली देने, हिंदुओं को पिछड़ा और दूसरों को आधुनिक दर्शाने के "बौद्धिक षड्यंत्र" का यह लेख पर्दाफ़ाश करता है. मासिक-स्राव एक प्राकृतिक और जैविक प्रक्रिया है। महिलाएँ अपने जीवन का एक बड़ा हिस्सा इस प्रक्रिया से दो-चार होते हुए गुजारती हैं। कई मायनों में मासिक-स्राव (या मासिक-धर्म) की प्रक्रिया स्त्री जाति के सार, जिसमें गर्भ-धारण और मातृत्व भी शामिल ह...........

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