शाणे बनो.... लेकिन सही जगह पर...

12 years ago
Suresh Chiplunkar
"शाणा", इस शब्द की उत्पत्ति कैसे हुई, कहाँ से हुई यह तो शोध का विषय हो सकता है, क्योंकि मराठी भाषा में "शहाणा" शब्द बुद्धिमान और चतुर व्यक्ति के लिये उपयोग किया जाता है । लगभग यही भाव हिन्दी में "सयाना" से उधृत होता है और हो सकता है कि यह शब्द भी मराठी भाषा से ही प्रेरित हो । लेकिन इस शब्द का अपभ्रंश होते-होते अब यह "सयाना" से "शाणा" हो गया है । यह शब्द पिछले कुछ समय से ही आम प्रचलन में आया है, लेकिन जब से आया है, चारों तरफ़ छा गया है । हर ओर आपको यह शब्द सुनाई दे जायेगा । लेकिन अब यह शब्द बुद्धिमान और चतुर व्यक्ति के लिये नहीं बल्कि "परले दर्जे के कंजूस और बिना कारण के अत्यधिक मोलभाव करने वाले" व्यक्ति के लिये उपयोग किया जाने लगा है । मुम्बई के अंडरवर्ल्ड (Underworld of Mumbai) में इसका और अपभ्रंश हुआ और यह "श्याने" में परिवर्तित हो गया, जहाँ "भाई" लोग - "ए श्याने ज्यास्ती बात करने का नईं, दूँ क्या क...........

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