शूद्र बालकों को भी था उपनयन का अधिकार... (मनु स्मृति से)

6 months ago
रवि शंकर
दलितों और स्त्रियों की बात करते ही एक बात बड़े ही जोर शोर से कही जाती है कि मनु स्मृति में कहा गया है कि वेदों को सुनने पर शूद्रों और स्त्रियों के कानों में पिघला हुआ सीसा उड़ेल दिया जाना चाहिए, ताकि वे हमेशा के लिए बहरे हो जाएं। हमें यह जान कर हैरानी हो सकती है कि ऐसा कहने और लिखने वाले किसी भी व्यक्ति ने मनु स्मृति को नहीं पढ़ा होता है। मनु स्मृति में ऐसा कोई विधान है ही नहीं। यह भी उल्लेखनीय बात है कि ऐसा कहने वाले अधिकांश लोगों को यह पता ही नहीं होता कि आखिर यह विधान किसका है। इस एक बात से हम जान सकते हैं कि शूद्रों और मनु स्मृति को लेकर समाज में कितना भ्रम व्याप्त है। मनु सिद्धांतत: वर्णों को श्रेष्ठता के आधार के रूप में स्वीकार नहीं करते। यह भी साफ है कि मनु ने केवल उन्हें ही शूद्र कहा है जो शिक्षा ग्रहण करने में असमर्थ हैं या जिन का मन विद्याग्रहण में नहीं लगत...........

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