समाज और परिवार को तोड़ने वाले क़ानून बदले जाएँ...

2 months ago
desiCNN
जब से भारत में अंग्रेजों का आगमन हुआ तब से ही उन्होंने भारत की बहुसंख्यक हिन्दू आबादी को वर्गों में बांटकर वर्ग निर्माण के प्रयत्न शुरु कर दिये थे। आवश्यक था कि इसके लिए परिवारों की आपसी एकता को छिन्न-भिन्न किया जाता। यही सोचकर अंग्रेजों ने भारत में महिला और पुरुष के नाम पर अलग अलग अधिकारों की कूटनीतिक संरचना शुरु कर दी। परिवार के अलग अलग अधिकारों की संवैधानिक मान्यता का कुचक्र रचा गया। इस कुचक्र का ही नाम हिन्दू समाज कुरीति निवारण प्रयत्न रखा गया। कुरीतियां मुसलमानों में अधिक थीं, हिन्दुओं में कम, किन्तु अंग्रेजों को सिर्फ हिन्दुओं की कुरीति ही दिखीं।इस प्रकार हिन्दुओं की आंतरिक पारिवारिक व्यवस्था के अंदर कानूनी व्यवस्था को प्रवेश कराने का कुचक्र शुरु किया गया। कुछ सरकारी चापलूसों ने समाज सुधार की आवाजें उठाई और उन आवाजों को आधार बनाकर अंग्रेजों ने क...........

For More Download the App