सूचना प्रसारण :- जब संजय गांधी को खुश करने के लिए ख़बरें बनती थीं...

5 days ago
desiCNN
लेखक: विनोद मेहता1976 की शुरुआत में देश भर के टीवी और रेडियो स्टेशनों को दो गाइडलाइन जारी की गई। पहली गाइडलाइन में उनसे यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि सकारात्मक प्रचार सभी कार्यक्रमों का आधार बनें। श्रीमती गांधी, संजय और सीनियर कांग्रेस मिनिस्टर की भी लगातार शिकायत थी कि भारतीय मीडिया ने भी कॉर्डिनल वेस्टर्न वाइस (बुनियादी पश्चिमी बुराइयां) के आगे घुटने टेक दिए हैं। श्रीमती गांधी ने कहा कि क्यों न बदलाव के लिए अच्छी खबर का प्रसार किया जाए। लेकिन दिक्कत यह थी कि प्रसार के लिए कोई वास्तविक अच्छी खबर थी ही नहीं। इसलिए अच्छी खबर बनाने की जिम्मेदारी प्रॉड्यूसर्स पर और उनकी रचनात्मकता पर छोड़ दी गई। दूसरी गाइडलाइन ज्यादा स्पेसिफिक थी।सभी प्रोग्राम सेक्शन को श्रीमती गांधी के 20 पॉइंट्स और संजय के 5 पॉइंट प्रोग्राम अपने कार्यक्रम में शामिल करने को कहा गया था। उदाह...........

For More Download the App