हैदराबाद और बलूचिस्तान मामले में जिन्ना का दोगला व्यवहार

4 months ago
desiCNN
मुहम्मद अली जिन्ना का दोहरा चरित्र कई अवसरों पर सामने आता रहा। यह वह नेता था जो अपने लम्बे सार्वजनिक जीवन में कभी गिरफ्तार तक नहीं हुआ (ऑक्सब्रिज की नौकायन प्रतियोगिता के उस सन्दर्भ को छोड़ दें जो कॉलेज जीवन की एक साधारण घटना थी ) और धर्मनिरपेक्षता से कट्टर इस्लामिक तक, सतत रूप बदलने वाला यह बाज़ीगर आजादी की पूर्व बेला में जहां एक ओर पूरी शक्ति से पाकिस्तान के अधिकार क्षेत्र में आने वाली स्वतंत्र रियासतों के पाकिस्तान में समामेलन के प्रयास में जी-जान से लगा हुआ था और इसके लिए वह अत्यंत अनैतिकता पूर्ण कार्य करने पर भी आमादा था (जैसे कलात के खान के साथ व्यवहार जिसके द्वारा वह बलूचिस्तान के बड़े क्षेत्र पर अवैध कब्ज़ा कर पाने में सफल हो सका )। वहीं दूसरी ओर जिन्ना का भारत विरोधी अभियान भी प्रारंभ हो गया था। उसकी प्रबल इच्छा थी कि भारतीय सीमांत की मुस्लिम शासित रियासत...........

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