Hindi Films Direction and Funny Scenes

13 years ago
Super User
हिन्दी फ़िल्म निर्देशकों की कल्पनाशीलता भारत में फ़िल्में आम जनजीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं । आम आदमी आज भी फ़िल्मों के आकर्षण में इतना बँधा हुआ है कि कई बार वह दिखाये जाने वाले दृश्यों को असली समझ लेता है, खासकर यह स्थिति किशोरवय एवं युवा वर्ग के दर्शकों के साथ ज्यादा आती है । एक बार महानायक अमिताभ बच्चन ने एक मुलाकात में कहा भी था कि "फ़िल्म माध्यम खासकर मसाला और मारधाड़ वाली फ़िल्में 'मेक बिलीव' का अनुपम उदाहरण होती हैं" अर्थात जो दिखाया जा रहा है दर्शक उस पर विश्वास करें, चाहे वह "किडीकाँप" अमिताभ द्वारा दस-बीस गुण्डों की पिटाई हो, या शाहरुख खान द्वारा मानेक ईरानी, पुनीत इस्सर या महेश आनन्द जैसे बॉडी बिल्डरों की धुँआधार धुलाई का, या हीरो द्वारा चूँ.......की आवाज के साथ जमीन से सीधे दूसरी मंजिल तक की छलांग हो, या घोडे दौडाकर ट्रेन को पकडना हो, तात्पर्य यह कि जो भी दिखा...........

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