JNU में दुर्गापूजा के आरम्भ का रोमांचक इतिहास और वीरों की उपेक्षा...

6 months ago
अम्बाशंकर वाजपेयी
अभी कुछ दिन पहले मेरा रांची जाना हुआ था. रांची में 4 दिन तक रुका. देश भर से आये हुए विभिन्न मूर्धन्य विद्वानों/चिन्तकों से मिलना हुआ. कुछ सही में विद्वान थे/है (उनको सुनने से अच्छा लगा लगा कि हाँ, इनको देश-काल-स्थिति का भान है और वे चिंतित भी हैं व देश में आये हुए बड़े संकट से भारत देश के निवासियों को आगाह कर रहे हैं… विशेष रूप से धिम्मियों को आगाह कर रहे हैं). कुछ स्वघोषित स्वयंभू विद्वान भी थे…. तो कुछ “भगवा-मुल्ले” भी थे... लेकिन इन तीन दिनों में एक बात मुझे बार बार कुछ लोगो से सुनने को मिल रही थी कि “JNU में दुर्गा पूजा” की शुरुआत एस एन मालाकार ने की थी (शायद एस एन मालाकार जी वही हैं, जो अपने जवानी के शबाब वाले दिनों में AISF के बड़े एक्टिविस्ट थे, और उन्होंने JNUSU का चुनाव भी लड़ा. वर्तमान में वे JNU/SIS/CAS में प्रोफ़ेसर हैं और साथ ही साथ कन्हैया कुमार के पीएचडी गाइड भी हैं). यह चर्चाएं सुन...........

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